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वो तेरे खत...

वो तेरे खत...तेरी तस्वीर... और सूखे फूल,
उदास करती है मुझको... निशानी तेरी

बहुत दर्द होता...

बहुत दर्द होता है इस दिल को,
जब कोई तुम्हारा,
तुम्हारे सामने तुम्हारा नहीं रहता ।।

सोचा था छुपा...

सोचा था छुपा लेंगे गम को पर,
आँखो ने ही बगावत कर दी।।।

सच्चे इश्क़ की...

सच्चे इश्क़ की न तो कोई कदर होती है,
और न ही कोई समझता है,
इसीलिए सच्चा इश्क़ अक्सर,
अधूरा रह जाता है।।।

कभी किसी से इतनी....

कभी किसी से इतनी उम्मीद,
न रखो की उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाये ||

ऐसा नहीं है...

ऐसा नहीं है की अब तुझसे,
मोहबत नहीं रही,
बस अब टूट-टूट कर,
बिखरने की हिम्मत नहीं रही ||

तेरे बिना जीना....

तेरे बिना जीना मुश्किल है,
और तुझको ये समझाना और भी मुश्किल है ||

उससे किस्मत समझ...

उसे किस्मत समझ कर सीने से,
लगाया था भूल गए थे की किस्मत बदलते देर नहीं लगती

किसी को पा...

किसी को पा लेना ही,
मोहबत नहीं होती,
किसी के लिए जी लेना,
भी मोहब्त होती है ||

इज़हार कर देना....

इज़हार कर देना साहब,
वरना ख़ामोशी,
उम्र भर का इंतज़ार बन जाती है

यह भी ज़िंदगी...

यह भी ज़िंदगी की अदा है दोस्तों,
जिसको कोई मिल गया,
वो और भी तनहा हो गया ||

अकेले रोना भी...

अकेले रोना भी किया,
खूब कारीगरी है,
सवाल भी खुद के होते है,
और जवाब भी ||

किसी ने पूछा...

किसी ने पूछा इतना,
अच्छा कैसे लिख लेते हो तुम,
मैंने कहा दिल तोड़ना पड़ता है,
लव्जो को जोड़ने के लिए

मै नाराज तुझसे...

मै नाराज तुझसे नहीं,
तेरी बातो से....
हु मै परेशान तुझसे नहीं...
तेरी बेवफाई से हु ||

मेरे साथ बैठकर....

मेरे साथ बैठकर रोया वक़्त भी एक दिन,
बोला "की तू ठीक है,"शायद मै ही ख़राब हु ||

कभी टूटे दिल...

कभी टूटे दिल से इश्क़,
करके देखो वो तुम्हे कभी धोका नहीं देगा ||

किसी नेह मुझको...

किसी ने मुझको,
यह सीखा दिया की किसी,
को हद से ज्यादा चाहना बुरी बात है ||

चलो अब जाने भी...

चलो अब जाने भी दो किया करोगे,
दास्ताँ सुनकर,
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं,
और बया हमसे होगी नहीं ||

न जाने किस...

न जाने किस मूड पर ले आयी है,
ये मोहब्बत, दुनिया से भी नाराज हु,
और खुद से भी खफा हु

काश तुम मौत...

काश तुम मौत होती, तो एक न एक दिन तुम मेरी होती

ज़िंदगी मै बार...

ज़िंदगी मै बार बार माफ़ तोह करा जा सकता है,
लेकिन भरोसा बार बार नहीं कर जा सकता है

उस मोड़ से...

उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से ज़िंदगी,
जहा सारा शहर अपना था और तुम अजनबी ||

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